मुकेश वर्मा

हरियाणवी संगीतकार (Music Composer) | MAK V

हरियाणवी फिल्म और संगीत जगत में जब भी दमदार बैकग्राउंड स्कोर (BGM) और मधुर संगीत की बात होती है, तो मुकेश वर्मा का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। वर्ष 2015 में रिलीज़ हुई हरियाणवी फिल्म फाइटर (Fighter) में गीतों के Music Composer के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले मुकेश वर्मा ने अपनी मेहनत, प्रयोगधर्मिता और संगीत के प्रति समर्पण के दम पर हरियाणवी संगीत जगत में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। मुकेश वर्मा का जन्म 13 दिसंबर 1982 को हरियाणा के फतेहाबाद जिले के टोहाना कस्बे में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा टोहाना में ही हुई। इसके बाद उन्होंने मनोहर मेमोरियल (MM) कॉलेज, फतेहाबाद से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। संगीत के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें रोहतक ले आई, जहाँ उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से वर्ष 2005 में संगीत विषय में स्नातकोत्तर (Master of Music) की उपाधि प्राप्त की। संगीत उनके लिए केवल एक कला नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत भी थी। उनके पिता यशपाल वर्मा शौकिया तौर पर गायन करते थे और गाँव की रामलीलाओं में रामायण के पाठ एवं भजनों का गायन किया करते थे। उनकी माता उषा वर्मा ने भी हमेशा उन्हें परिवार का स्नेह और सहयोग दिया। यही पारिवारिक वातावरण मुकेश वर्मा के भीतर संगीत के प्रति गहरा लगाव पैदा करने का कारण बना। उन्होंने संगीत की पहली शिक्षा अपने पिता के सानिध्य में ही प्राप्त की। पढ़ाई के साथ-साथ वे विभिन्न रिकॉर्डिंग स्टूडियो में जाकर लाइव रिकॉर्डिंग की बारीकियाँ सीखते रहे। दूसरे स्टूडियो में काम करते हुए उन्होंने संगीत निर्माण की तकनीकों को नज़दीक से समझा। अनुभव प्राप्त करने के बाद उन्होंने रोहतक में अपना पहला म्यूजिक स्टूडियो स्थापित किया और स्वतंत्र रूप से संगीत निर्देशन की शुरुआत की। वर्ष 2010 में उनका विवाह प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका मीनाक्षी पांचाल से हुआ, जिन्हें हरियाणा की अग्रणी क्लासिकल सिंगर्स में गिना जाता है। दोनों ने मिलकर संगीत के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया। आज तक मुकेश वर्मा लगभग 2460 से अधिक गीतों का संगीत निर्देशन कर चुके हैं, जो उनकी रचनात्मक यात्रा का महत्वपूर्ण प्रमाण है।

अपने करियर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के उद्देश्य से उन्होंने दिल्ली में भी एक अत्याधुनिक म्यूजिक स्टूडियो स्थापित किया। हालांकि वहाँ उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। यह समय उनके जीवन का सबसे कठिन और संघर्षपूर्ण दौर था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2015 में वे पुनः अपने गृह नगर टोहाना लौटे और नया स्टूडियो स्थापित कर पूरे समर्पण के साथ काम शुरू किया। उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे उनका नाम फिर से संगीत जगत में मजबूती से स्थापित होने लगा।मुकेश वर्मा ने अपने करियर में अनेक सुपरहिट और लोकप्रिय गीतों को संगीतबद्ध किया है। उनके चर्चित गीतों में भारत में हरियाणा, Fail Whisky, Desi Chore, Total Talli, Anand Kaya, Dhooma Aave Se, Isi Gajab Ki Bahu Banungi, Bewafa Mehndi, Sajna Sawarna Bekar और Zero Figure जैसे कई वायरल गीत शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने फिल्म Salute में हरियाणवी और पंजाबी दोनों भाषाओं में एक विशेष गीत का संगीत तैयार किया। उन्हें हरियाणा चुनाव आयोग (Election Commission Haryana) के आधिकारिक ट्रैक को कंपोज़ करने का अवसर भी मिला। साथ ही गीता महोत्सव के टाइटल ओपनिंग म्यूजिक तथा सरस्वती नदी की आधिकारिक आरती का संगीत तैयार करने का गौरव भी उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा प्राप्त हुआ। कोविड-19 महामारी के बाद कई साथियों और कलाकारों की सलाह पर उन्होंने वर्ष 2021 में रोहतक में दोबारा अपना अत्याधुनिक स्टूडियो स्थापित किया। वर्तमान समय में उनका यह स्टूडियो MAK V Studio के नाम से जाना जाता है, जहाँ से वे हरियाणवी फिल्मों, एल्बमों और डिजिटल प्रोजेक्ट्स के लिए संगीत तैयार कर रहे हैं। मुकेश वर्मा का पहला म्यूजिक कैसेट वर्ष 2002 में रिलीज़ हुआ, जिसमें उन्होंने म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

एक संगीतकार के रूप में उन्होंने हमेशा नए प्रयोगों को अपनाया। वर्ष 2012 में उन्होंने रमानंद सागर की प्रसिद्ध रामायण को हरियाणवी बोली में डब किया। यह प्रयास इतना लोकप्रिय हुआ कि दर्शकों ने इसकी भरपूर सराहना की और इसका प्रसारण हरियाणा न्यूज़ पर भी हुआ। इस सफलता के बाद उनके निर्देशन में कई कार्टून एपिसोड भी हरियाणवी भाषा में तैयार किए गए, जिससे बच्चों तक भी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण सामग्री पहुँच सकी। हरियाणवी फिल्म फाइटर उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। इस फिल्म के गीतों का संगीत उन्होंने तैयार किया, वहीं इसका बैकग्राउंड स्कोर (BGM) भी आज हरियाणवी सिनेमा के प्रभावशाली BGM में गिना जाता है। इतना ही नहीं, उन्होंने इस फिल्म में एक गीत अपनी आवाज़ में भी गाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद निर्देशक अरविंद स्वामी की फिल्म कर्म (KRM) में उन्होंने BGM Scorer के रूप में कार्य किया। फिल्म के गीतों और बैकग्राउंड स्कोर दोनों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। यार बनेगा दूल्हा के गीतों में भी उन्होंने संगीत दिया, जबकि फिल्म भाईचारा के लिए भी उन्होंने यादगार संगीत तैयार किया।मुकेश वर्मा ने सामाजिक, रोमांटिक, भक्ति, लोकगीत, आइटम सॉन्ग और फिल्मी गीतों सहित लगभग हर शैली के संगीत पर सफलतापूर्वक कार्य किया है। उन्होंने बॉलीवुड के अनेक कलाकारों के साथ काम किया तथा हरियाणवी संगीत को आधुनिक तकनीक और नए प्रयोगों से समृद्ध किया। उनकी उपलब्धियों में बी.आर. चोपड़ा की महाभारत को हरियाणवी भाषा में डब करना भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने MD KD, नरेंद्र गुलिया, गजेंद्र फोगाट सहित हरियाणवी संगीत जगत के अनेक लोकप्रिय कलाकारों के साथ सफलतापूर्वक कार्य किया है।आज रोहतक स्थित MAK V Studio केवल एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो नहीं, बल्कि हरियाणवी संगीत के नए कलाकारों के लिए प्रेरणा और संभावनाओं का केंद्र बन चुका है। मुकेश वर्मा का मानना है कि अच्छा संगीत केवल मनोरंजन नहीं करता, बल्कि समाज, संस्कृति और भाषा को भी नई पहचान देता है। संघर्ष से सफलता तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि यदि जुनून, मेहनत और सीखने की इच्छा लगातार बनी रहे, तो परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मंज़िल एक दिन अवश्य मिलती है। मुकेश वर्मा आज भी अपने सुरों के माध्यम से हरियाणवी संगीत और सिनेमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

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