हरियाणवी संगीत और मनोरंजन जगत की पहचान सोनोटेक
सोनोटेक भारत की सबसे बड़ी हरियाणवी म्यूजिक कंपनियों और फिल्म स्टूडियोज़ में से एक है। इसकी स्थापना 1990 के दशक में दिल्ली के दरियागंज क्षेत्र में मुख्य रूप से ‘सोनोटेक कैसेट्स के नाम से हुई थी। इस कंपनी ने हरियाणवी लोक संगीत, रागिनी और क्षेत्रीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कंपनी का इतिहास और सफलता
शुरुआती दौर : ऑडियो कैसेट्स का समय
1990 के दशक के मध्य में, जब हरियाणवी गानों और रागिनियों को बड़ा मंच नहीं मिल पाता था, तब सोनोटेक ने छोटे और ग्रामीण कलाकारों की प्रतिभा को ऑडियो कैसेट्स के माध्यम से घर-घर तक पहुँचाया। उस समय कंपनी ने हरियाणवी संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान देने का कार्य किया।
संस्थापक और प्रबंधन
सोनोटेक ग्रुप की सफलता के पीछे हंसराज रल्हन (Hansraj Railhan) और राजेश ठुकराल (Rajesh Thukral) का विशेष योगदान रहा है। हंसराज रल्हन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और वे पिछले 30 वर्षों से संगीत उद्योग में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
डिजिटल युग में विस्तार
समय के साथ कंपनी ने खुद को आधुनिक तकनीक के अनुरूप ढाला और ऑडियो कैसेट्स के दौर से निकलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत पहचान बनाई। आज सोनोटेक का यूट्यूब चैनल हरियाणवी संगीत जगत के सबसे बड़े और लोकप्रिय चैनलों में गिना जाता है।
कलाकारों को नई पहचान
सोनोटेक ने हरियाणा के अनेक प्रसिद्ध कलाकारों को मंच प्रदान किया और उन्हें लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। इनमें सपना चौधरी, उत्तर कुमार, एमडी एंड केडी (MD & KD) और राजू पंजाबी जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।
उपलब्धियाँ और सम्मान
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रदर्शन के कारण कंपनी को यूट्यूब की ओर से प्रतिष्ठित गोल्डन प्ले बटन सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। आज सोनोटेक हरियाणवी संगीत और क्षेत्रीय मनोरंजन उद्योग का एक प्रमुख नाम बन चुका है।
