फौजा

हरियाणा की पृष्ठभूमि पर बनी देशभक्ति, परिवार और संघर्ष की कहानी

फौजा (Fouja) वर्ष 2023 में रिलीज़ हुई एक हिंदी भाषा की एक्शन-ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म निर्देशक प्रमोद कुमार पुनहाना द्वारा निर्देशित तथा अजीत डालमिया द्वारा निर्मित है। इस फिल्म को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। फिल्म में कार्तिक डम्मू, पवन मल्होत्रा और ऐश्वर्या संजय सिंह प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देते हैं। यह फिल्म भारतीय सेना की पृष्ठभूमि पर आधारित है और परिवार, त्याग, कर्तव्य, देशभक्ति तथा आत्म-सम्मान जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।

कहानी

फिल्म की पटकथा प्रवेश राजपूत और आकाश सिंह ने लिखी है। कहानी एक ऐसे परिवार की है, जिसकी सात पीढ़ियाँ भारतीय सेना में सेवा देते हुए देश के लिए बलिदान दे चुकी हैं। परिवार के मुखिया की भूमिका पवन मल्होत्रा ने निभाई है, जो स्वयं शारीरिक अक्षमता के कारण सेना में भर्ती नहीं हो सके। अपने अधूरे सपने को पूरा करने के लिए वे अपने बेटे से उम्मीद रखते हैं कि वह भारतीय सेना में भर्ती होकर परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाएगा। बेटे की भूमिका कार्तिक डम्मू ने निभाई है। शुरुआत में वह गैर-जिम्मेदार और अनुशासनहीन युवक के रूप में दिखाई देता है, जिसे अपने पिता के सपनों और परिवार की विरासत का महत्व समझ नहीं आता। समय के साथ परिस्थितियाँ बदलती हैं और उसे अपने पिता के त्याग तथा देशसेवा के महत्व का एहसास होता है। इसके बाद वह सेना में भर्ती होने के लिए स्वयं को तैयार करना शुरू करता है। फिल्म में केवल पारिवारिक भावनाएँ ही नहीं, बल्कि ग्रामीण राजनीति का भी प्रभावी चित्रण किया गया है। एक भ्रष्ट ठेकेदार परिवार की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करता है, जिससे कहानी में संघर्ष और रोमांच बढ़ जाता है। अंततः यह कहानी एक बेटे के आत्म-परिवर्तन, पिता के अधूरे सपने और देशभक्ति की भावना को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत करती है।

मुख्य कलाकार

पवन मल्होत्रा – कार्तिक के पिता,कार्तिक धाम्मू ,ऐश्वर्या सिंह,जोगी मलंग, हरिओम कौशिक, नवीन , जान्हवी सिंह सांगवान,नीवा मलिक , संदीप शर्मा .

कार्यकारी निर्माता (Executive Producer)
विकास बेरवाल

लेखन एवं तकनीकी टीम
निर्देशक: प्रमोद कुमार पुनहाना, निर्माता: अजीत डालमिया
पटकथा / संवाद: प्रवेश राजपूत एवं आकाश सिंह,संगीत : युग भूषाल , गीतकार: नौशाद सदर खान
छायांकन (Cinematography): शशांक विराग, जय अहलावत एवं शशि
कला निर्देशन (Art Direction)
विशाल मान, मनदीप दहिया, Associate Art Director
पवन कौशिक, Art Team : आरजे भारद्वाज कौशिक
Assistant Art Directors : विकास भारद्वाज,एमी चाहर,उमेश कोबरा ,दीपक धर्रा .

कैमरा विभाग  लोकेश विवेक
कैमरा मेकअप दीपशिखा & यश (बिन्टु ) फिल्म की शूटिंग ARRI कैमरा पर की गई। शूटिंग लोकेशन फिल्म की शूटिंग हरियाणा के विभिन्न वास्तविक स्थानों पर की गई, जिनमें प्रमुख हैं हेली मंडी गाँव जटोली भोंडसी अरावली की पहाड़ियाँ पटौदी रेलवे स्टेशन सुल्तानपुर लेक पूरी फिल्म की शूटिंग लगभग 35 दिनों में पूरी की गई। फिल्म के प्रमुख गीत अंगारे (Angaare) मुख्य ट्रैक, जिसे नौशाद सदर खान, हिमांशु कोहली और सुधीर यदुवंशी ने गाया है। सरफरोशी (Sarfaroshi) देशभक्ति से भरपूर गीत, जिसे सलमान अली ने अपनी आवाज़ दी है। तेरी गली (Teri Gali) इस गीत को सलमान अली, सोमवीर कथूरवाल और प्रतीक्षा श्रीवास्तव ने गाया है। उड़ान (Udaan) प्रेरणादायक गीत, जिसे सलमान अली ने स्वर दिए हैं। सलामी (Salaami)
इस गीत को सोमवीर कथूरवाल और नौशाद सदर खान ने गाया है।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

फिल्म फौजा ने 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में हरियाणवी सिनेमा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए। फिल्म को निम्नलिखित श्रेणियों में सम्मानित किया गया—

सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म ऑफ अ डायरेक्टर (Best Debut Film of a Director) – प्रमोद कुमार को फिल्म फौजा के निर्देशन के लिए स्वर्ण कमल (Swarna Kamal) से सम्मानित किया गया।
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (Best Supporting Actor) – फिल्म में पिता की प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए पवन मल्होत्रा को रजत कमल (Rajat Kamal) राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
सर्वश्रेष्ठ गीत (Best Lyrics) – फिल्म के “सलामी (Salaami)” गीत के लिए नौशाद सदर खान को रजत कमल (Rajat Kamal) राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

फिल्म की विशेषताएँ

वर्ष 2023 की हिंदी भाषा की एक्शन-ड्रामा फिल्म।
भारतीय सेना और सैनिक परिवारों के त्याग पर आधारित भावनात्मक कहानी।
पिता और पुत्र के रिश्ते को केंद्र में रखकर लिखी गई प्रेरणादायक पटकथा।
फिल्म को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
हरियाणा के वास्तविक ग्रामीण और प्राकृतिक स्थानों पर शूटिंग की गई।
पूरी फिल्म केवल 35 दिनों में फिल्माई गई।
फिल्म में ARRI कैमरा का उपयोग किया गया, जिससे दृश्य गुणवत्ता को सिनेमाई रूप मिला।
ग्रामीण राजनीति, पारिवारिक संघर्ष, देशभक्ति और आत्म-परिवर्तन को एक साथ प्रस्तुत करने वाली प्रभावशाली फिल्म।

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