नीरज रोहिल्ला – हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री के बेहतरीन साउंड डिज़ाइनर की प्रेरणादायक कहानी
नाम: नीरज रोहिल्ला
जन्म तिथि: 18 नवंबर 1990
जन्म स्थान: रोहतक, हरियाणा
बचपन और संघर्ष की शुरुआत
नीरज रोहिल्ला का बचपन संघर्षों से भरा रहा। जब वे मात्र 5 साल के थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया। उस समय उनका छोटा भाई 2 साल का था और बहन 8 साल की, जबकि उनकी मां की उम्र सिर्फ 28 वर्ष थी। घर की जिम्मेदारी अचानक उनकी मां पर आ गई, जिन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बाबा मस्तनाथ अस्पताल, रोहतक में मात्र 500 रुपये महीने की नौकरी शुरू की। हर दिन 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर वे काम पर जाती थीं — चाहे गर्मी हो या सर्दी।
शिक्षा और शुरुआती जिम्मेदारियाँ
नीरज ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की और स्पोर्ट्स कोटे से पढ़ाई जारी रखी क्योंकि फीस भरने की क्षमता नहीं थी। घर के बड़े बेटे होने के नाते उन्होंने 8वीं कक्षा से ही काम करना शुरू कर दिया। छुट्टियों में वे कभी किसी दुकान पर काम करते, तो कभी सब्ज़ियां बेचते — ताकि घर की मदद हो सके।
डांस और म्यूज़िक का शौक
बचपन से ही नीरज को डांस और म्यूज़िक का गहरा शौक था। शुरू में वे डांसर बनना चाहते थे। 11वीं कक्षा में वे DJ इवेंट्स में मजदूरी करने जाने लगे — दिन में स्कूल और रात में DJ सेटअप में काम। लगातार मेहनत के दो साल बाद, एक दिन DJ मालिक ने उन्हें खुद से गाने बजाने को कहा। नीरज ने जब संगीत चलाया तो लोगों को बहुत पसंद आया — और यहीं से शुरू हुआ उनका DJ करियर।
संगीत निर्माण की दिशा में पहला कदम
DJ बनने के बाद भी नीरज का मन म्यूज़िक रीमिक्स बनाने में था, लेकिन पैसे न होने के कारण वे किसी से सीख नहीं पाए। इस बीच उन्होंने एम.डी.यू. (रोहतक) से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की और साथ-साथ DJ शोज़ करते रहे। पर असली सपना अब भी वही था — म्यूज़िक प्रोडक्शन और साउंड डिज़ाइन।
स्टूडियो में सफर की शुरुआत
इसके बाद नीरज को एक डबिंग रिकॉर्डिस्ट की नौकरी मिली, जहाँ वे हरियाणवी रामायण की डबिंग करते थे, जो नेशनल टीवी पर प्रसारित होती थी। यहीं से उन्हें साउंड के प्रति गहरी समझ और लगाव हुआ।
8 महीने बाद उन्होंने साउंड सॉफ्टवेयर सीखना शुरू किया और महसूस किया कि उन्हें इस क्षेत्र की औपचारिक शिक्षा लेनी चाहिए।
SUPVA से प्रोफेशनल ट्रेनिंग
नीरज ने State University of Performing and Visual Arts (SUPVA), रोहतक में Audiography Department में एडमिशन लिया। चार साल की पढ़ाई में उन्होंने सीखा
फिल्म साउंड डिज़ाइन
सिंक साउंड रिकॉर्डिंग
फिल्म मिक्सिंग
फिल्म मेकिंग
साथ ही, कॉलेज के दौरान उन्होंने कई फिल्म प्रोजेक्ट्स में काम किया और अपनी पहचान बनानी शुरू की।
पहला बाहरी प्रोजेक्ट और प्रोफेशनल करियर
तीसरे वर्ष में रहते हुए उन्हें पहला बाहरी प्रोजेक्ट मिला — फिल्म “मलाल”, जो उनके सीनियर रंजीत भाई की थी। पैसे न होने के बावजूद नीरज ने इसे एक मौका समझा और बिना झिझक काम किया। कॉलेज के बाद उन्हें रंजीत भाई से ही दूसरा प्रोजेक्ट मिला —”छप्पर फाड़ के”, जो बाद में Chaupal App पर रिलीज़ हुई।
इसके बाद नीरज के पास लगातार काम आते गए।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स
नीरज ने कई शानदार फिल्मों में *साउंड डिज़ाइन, रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग का काम किया, जैसे:
- 1600 मीटर (Sync Sound, Sound Design & Dolby 5.1 Mixing)
- TOTTA
- GROUP-D (Part 1 & 2)
- OPARI HAWA
- MID NIGHT
- BAD BOYS BHIWANI
- BAHU KALE KI
- THE EXILE
- SANTAP
- CHUKHAT
- CHAHAYA
- DHADAAM
और कई अन्य…
सबसे यादगार उपलब्धि – FOUJA
नीरज के करियर का सबसे बड़ा मोमेंट तब आया जब उन्होंने “FOUJA” पर काम किया — जिस फिल्म को *3 राष्ट्रीय पुरस्कार (National Awards)* मिले। यह उनके लिए गर्व और प्रेरणा दोनों का पल था।
आने वाला ऐतिहासिक प्रोजेक्ट
अब नीरज रोहिल्ला अपने आने वाले सबसे बड़े प्रोजेक्ट “LICENSE” पर काम कर रहे हैं — जो हरियाणा की पहली फिल्म होगी जो Dolby 7.1 Sound Design & Mixing* में तैयार की जा रही है।
पसंदीदा काम – “Opari Hawa”
अगर कोई नीरज से पूछे कि उनका सबसे बेहतरीन काम कौन-सा है, तो वे बिना सोचे कहते हैं — “Opari Hawa”। यह हरियाणा की पहली हॉरर फिल्म थी, जिसमें उन्होंने साउंड डिज़ाइन को इस तरह रचा कि लोगों को वह म्यूज़िक जैसा महसूस हुआ। इस फिल्म पर उन्होंने 6 महीने तक लगातार मेहनत की, और नतीजा शानदार रहा।
विशेष धन्यवाद
नीरज अपने मार्गदर्शकों और साथियों को धन्यवाद देते हैं: रंजीत भाई, हरीओम भाई, और अपने सभी शिक्षकों को, जिनकी वजह से उन्होंने अपने सपनों को साकार किया।
