हरियाणवी सिनेमा की पहली ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म — बीरा शेरा (1973)
हरियाणा की पहली आधिकारिक हरियाणवी फिल्म “बीरा शेरा”
यह फिल्म सत्यजीत इंटरनेशनल के बैनर तले बनी थी। इस फिल्म को हरियाणवी सिनेमा की दुनिया में पहला गंभीर प्रयास माना जाता है।
निर्माता: के.के. कुंद्रा
लेखक व निर्देशक: प्रदीप ए. नैयर
संगीतकार: बी.एन. बाली
गीतकार: महेंद्र कपूर, कृष्णा कल्ले, बेला सावंत, स्व. चौधरी सतपाल .
फिल्म में कुल 07 गाने थे, लेकिन इनमें शुद्ध हरियाणवी भाषा या लोकसंस्कृति का संपूर्ण समावेश नहीं हो पाया।
मुख्य कलाकार:
फिल्म की कहानी:
फिल्म की पृष्ठभूमि ग्रामीण हरियाणा थी और इसकी कहानी दो भाइयों पर आधारित थी —
एक भाई सेना में भर्ती हो जाता है, जबकि दूसरा हालातों के चलते डाकू बन जाता है।
यह फिल्म हरियाणवी संस्कृति और भाषा को पूरी तरह पकड़ नहीं सकी, जिससे दर्शकों से उसे अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। निर्देशक मुंबई से थे और उन्हें हरियाणवी लोकजीवन की गहराई को समझने में कठिनाई हुई। इसी वजह से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
महत्व:
हालांकि बीरा शेरा एक व्यावसायिक सफलता नहीं बन पाई, फिर भी इसे हरियाणवी सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत माना जाता है। निर्माता के. के. कुंद्रा और लेखक प्रदीप नायर की यह कोशिश हरियाणवी बोली और संस्कृति को बड़े पर्दे पर लाने की दिशा में एक साहसी पहल थी।
एक ऐतिहासिक तथ्य:
ध्यान देने योग्य बात यह है कि हरियाणवी बोली पर बनी पहली फिल्म “देहाती लड़की” 1936 में अंग्रेज़ों के शासनकाल में रोहतक में बन चुकी थी। हालांकि तब हरियाणा एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में नहीं था।
निष्कर्ष:
“बीरा शेरा” हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री की नींव रखने वाली फिल्म रही, जिसकी असफलता से सबक लेकर आगे की फिल्मों ने प्रामाणिक हरियाणवी भाषा, संगीत और संस्कृति को अपनाना शुरू किया।
