एडिटर ज्ञानेश

एडिटर ज्ञानेश : हरियाणवी सिनेमा का उभरता हुआ नाम

हरियाणवी सिनेमा के बदलते दौर में कुछ युवा चेहरे ऐसे उभरे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, तकनीक और जुनून के दम पर इंडस्ट्री को नई दिशा दी। उन्हीं नामों में एक प्रमुख नाम है — Gyanesh SosrG।कम उम्र में संघर्षों से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाने वाले ज्ञानेश आज हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे चर्चित युवा एडिटर्स में गिने जाते हैं। ज्ञानेश का जन्म 18 जून 1998 को हुआ।
12वीं कक्षा पूरी करने के बाद वे सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली आए। इसी दौरान उन्हें फिल्म और मीडिया शिक्षा संस्थान SUPVA के बारे में पता चला। यहीं से उनके भीतर छिपे फिल्म एडिटिंग के जुनून को सही दिशा मिली और उन्होंने तय कर लिया कि अब उनका भविष्य कैमरा, स्क्रीन और एडिटिंग टेबल के बीच ही बनेगा।

संघर्ष का दौर और पहला ब्रेक

कोविड और लॉकडाउन का समय पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद कठिन था। थिएटर बंद हो चुके थे, शूटिंग रुक चुकी थी और ऐसा लगने लगा था मानो फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य ही खत्म हो जाएगा।
उस दौर में ज्ञानेश ने भी लगभग उम्मीद छोड़ दी थी। उन्होंने दूसरी पढ़ाई और दूसरे करियर विकल्पों की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया था।

लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था।

साल 2021 में उन्हें वेबसीरीज़ Group D में पहला बड़ा मौका मिला। यह मौका उन्हें Actor सुमित धनखड़ की ओर से मिला।
इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग चार महीने लगे और ज्ञानेश ने पूरी फिल्म एक छोटे से स्टूल पर बैठकर एडिट की। उस समय उनके पास सुविधाएं बहुत सीमित थीं, लेकिन जुनून बेहद बड़ा था।

ज्ञानेश अक्सर मुस्कुराते हुए बताते हैं —

जब Group D की पहली payment आई थी, तब मैंने सबसे पहले अपने लिए एक chair खरीदी थी।

यही छोटी-सी बात उनके संघर्ष और मेहनत की सबसे बड़ी कहानी कह देती है।

 उम्र छोटी, सपने बड़े

जब ज्ञानेश इंडस्ट्री में आए, तब उनकी उम्र केवल 22–23 साल थी। कम उम्र होने की वजह से कई लोगों ने उन्हें कम आंका, लेकिन उन्होंने कभी रुकना नहीं सीखा।
Group D के बाद वे लगातार एक के बाद एक फिल्मों और वेबसीरीज़ में काम करते गए।

धीरे-धीरे उनका काम हरियाणा से निकलकर मुंबई तक पहुंचा। उन्होंने अलग-अलग OTT Platforms और प्रोडक्शन हाउस के लिए काम किया, जिनमें प्रमुख हैं —

* Stage
* Chaupal
* ZEE5
* Amazon miniTV
* MX Player

ज्ञानेश मानते हैं कि उनके करियर को पहली बड़ी दिशा देने में Stage App का बहुत बड़ा योगदान रहा। उनके अनुसार Stage ने केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि हरियाणा के कई नए कलाकारों और तकनीशियनों को अवसर दिए।

हरियाणवी सिनेमा में तकनीकी बदलाव

ज्ञानेश का मानना है कि SUPVA Institute और उसके छात्रों ने हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री की कार्यशैली बदलने में अहम भूमिका निभाई।
पहले जहां फिल्म निर्माण में तकनीकी विभागों की स्पष्ट समझ कम थी, वहीं अब इंडस्ट्री में धीरे-धीरे Professional Workflow विकसित होने लगा है —

*Pre Production → Production → Post Production*

उन्होंने बताया कि अब लोगों को यह समझ आने लगा है कि —

* Editor अलग होता है
* Cinematographer अलग होता है
* Cameraman और DOP की भूमिकाएं अलग होती हैं

इसी बदलाव ने हरियाणवी सिनेमा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

भाषा से जुड़ी चुनौती

ज्ञानेश मूल रूप से हरियाणा से नहीं थे।
जब उन्होंने पहली बार एक हरियाणवी डॉक्यूमेंट्री पर काम किया, तब खड़ी हरियाणवी भाषा को समझना उनके लिए बेहद कठिन था। कई बार संवाद समझने में परेशानी होती थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भाषा, संस्कृति और लोकभावनाओं को समझ लिया।आज वही भाषा उनके काम की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।

मेघना मैडम का सहयोग

कोविड काल के दौरान ऑनलाइन क्लासेस में उन्हें *मेघना मैडम* का विशेष सहयोग मिला।
ज्ञानेश आज भी अपने सफर में उस मार्गदर्शन को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं और अक्सर उसका जिक्र सम्मान के साथ करते हैं।

एडिटर से आगे : Assistant Director और Associate Director

सिर्फ एडिटिंग ही नहीं, ज्ञानेश ने कई फिल्मों में *Assistant Director* और *Associate Director* के रूप में भी काम किया है।
यही वजह है कि उनकी समझ केवल कट और ट्रांज़िशन तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी फिल्म निर्माण प्रक्रिया तक फैली हुई है।

SosrG Studios की शुरुआत

साल 2024 में ज्ञानेश ने रोहतक में अपना फिजिकल स्टूडियो *SosrG Studios* शुरू किया।
हालांकि यह स्टूडियो पहले ऑनलाइन मोड में काम करता था, लेकिन बाद में इसे बड़े स्तर पर स्थापित किया गया। आज ज्ञानेश इसके *Co-Founder* हैं।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों तक पहुंच

ज्ञानेश का काम केवल हरियाणवी OTT तक सीमित नहीं रहा। उनकी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्रीज़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली।

उनकी फिल्म Endless Canvas का चयन —

* Kolkata International Film Festival
* Kerala International Film Festival

जैसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में हुआ।

वहीं मिर्चपुर घटना पर आधारित उनकी डॉक्यूमेंट्री Mirchpur का चयन —

* Berlin Film Festival

में हुआ, जो उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।

इसके अलावा कॉलेज प्रोजेक्ट के रूप में बनाए गए उनके दो गीत — औरतें और बैठी है — का चयन भी International Documentary Short Film Festival of Kerala में हुआ था।

प्रमुख प्रोजेक्ट्स

ज्ञानेश अब तक कई चर्चित फिल्मों और वेबसीरीज़ में कार्य कर चुके हैं, जिनमें प्रमुख हैं —

* Group D
* Agniveer
* Chhapa
* Scam
* Byah Ke Laddoo
* Haryana Ki Beti
* Bharti Mafia
* Desi Adalat
* Doojvar
* DC Rate
* Kachhadhari
* Opari Parai
* Ziddi Haryanvi
* Ye Mere Wo Hai
* Satya
* Gaderiya
* Saangi
* Baingan
* Pitar Dosh
* Suraj Love Meenakshi
* Kaala
* Villa 4 Yaar
* Akhiri Mulakat
* Jallad and Juliet

ई पीढ़ी की प्रेरणा

ज्ञानेश आज हरियाणवी सिनेमा में नई तकनीक, आधुनिक एडिटिंग शैली और ग्राउंड लेवल फिल्ममेकिंग के लिए पहचाने जाते हैं।

उनका सफर यह साबित करता है कि सीमित संसाधन कभी भी बड़े सपनों के रास्ते नहीं रोक सकते।

एक छोटे स्टूल से शुरू हुआ सफर आज अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों तक पहुंच चुका है — और यही कहानी उन्हें हरियाणवी सिनेमा की नई पीढ़ी का प्रेरणास्रोत बनाती है।

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